Thursday, 26 April 2012

रिक्शा चालक के बेटे की शादी में गए आमिर खान


बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट ने एक बार फिर वो कर दिखाया जिसे कोई नहीं सोच सकता। आमिर खान सोशल एक्टिवीटिज करने में हमेशा टॉप पर रहते हैं।इस बार आमिर का सोशल वर्क है रिक्शावाले के बेटे की शादी में शरीक होना।करीब ढाई साल पहले आमिर खान छद्म वेश में बनारस की यात्रा करने गए थे। तब वे अपनी मां के पूर्वजों के मकान की तलाश में बनारस के तेलिया नाला मोहल्ले में गए थे। उसी यात्रा में रिक्शाचालक रामलखन से उनकी मुलाकात हुई थी। रामलखन के रिक्शे से वे तीन दिन तक बनारस में घूमे थे। आखिरी दिन रामलखन ने उन्हें पहचान लिया था। यह पहचान बाद में दोस्ती में बदल गई थी।रामलखन ने बेहिचक अपने दोस्त को बेटे की शादी में आने का न्योता दिया। आमिर ने तब उनसे कहा था कि शूटिंग की व्यस्तता की वजह से वे नहीं आ पाएंगे, लेकिन आशीर्वाद का वीडियो जरूर भेज देंगे।रामलखन ने गत 14 अप्रैल को मुंबई आकर आमिर को शादी का न्योता दिया था।और इसके लिए आमिर ने अपनी सभी शूट्स कैंसल कर शादी में जाने का फैसला किया है।तभी तो इंडस्ट्री में आमिर को यारों का यार कहा जाता है।

Thursday, 22 December 2011

गिलानी ने अपनी सरकार पर खतरे की आशंका जताई


रजा गिलानी ने आगाह किया कि उनकी लोकतांत्रिक सरकार को हटाने के लिए साजिशें रची जा रही हैं।

इसके साथ ही गिलानी ने कहा है कि कोई भी संस्थान देश की व्यवस्था के भीतर किसी दूसरी व्यवस्था की तरह नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह अवाम को फैसला करना है कि वे निर्वाचित लोगों चाहते हैं अथवा किसी तानाशाह को पसंद करते हैं।

पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में गिलानी ने कहा, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि साजिशें रची जा रही हैं। ये साजिशें निर्वाचित सरकार को हटाने के लिए चल रही हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि हम सरकार में रहें अथवा विपक्ष में रहें, पाकिस्तान की आवाम के हक के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।’

गिलानी ने अपनी सरकार और सेना के बीच मतभेदों के संदर्भ में कहा, ‘कोई संस्थान एक देश की व्यवस्था के भीतर अलग व्यवस्था नहीं बन सकता।’ उन्होंने कहा, ‘यह कोई नहीं कह सकता कि वह सरकार के तहत नहीं है। इस देश का हर संस्थान प्रधानमंत्री के नीचे आता है। ऐसा दावा कोई नहीं कर सकता कि वह स्वतंत्र है। अगर कोई सोचता है कि वह सरकार के नियंत्रण से बाहर है तो वह गलत है।’ उन्होंने कहा, ‘सभी सरकार के तहत हैं और आगे भी सरकार के तहत बने रहेंगे क्योंकि हम निर्वाचित और पाकिस्तान की जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं।’ गिलानी की यह टिप्पणी पाकिस्तान की असैन्य सरकार और सेना के बीच उपजे तनाव की पृष्ठभूमि में आई है। मेमेगोट विवाद के बाद से दोनों के बीच तल्खी की बात सामने आ रही है।